Friday, 21 July 2017

Kaali Mirch Se Vashikarn Totka

Kaali Mirch Se Vashikarn Totka


काली मिर्च से तीव्र वशीकरण के टोटके उपाय

कोई भी कार्य हो सकता है पूर्ण काली मिर्च से तीव्र वशीकरण के टोटके उपाय का प्रयोग करके| काली मिर्च के टोटके से किसी को वशभूत भी किया जा सकता है और काली मिर्च से धन प्राप्ति भी की जा सकती है| काली मिर्च रसोई में तो बहुत उपयोगी है ही लेकिन इसके ज्योतिषिक उपाय भी बहुत ही उपयोगी और असरदार हैं| काली मिर्च के ज्योतिषिक प्रयोग या टोटके बहुत ही आसन हैं| काली मिर्च से तीव्र वशीकरण की सहायता से कोई व्यक्ति अपने प्यार को पा सकता है, नज़र दोष, भूत-प्रेत आदि से मुक्ति पा सकता है| काली मिर्च से तीव्र वशीकरण की सहायता से शत्रु पर विजय पायी जा सकती है,  काली मिर्च से धन की प्राप्ति के टोटके करके मालामाल हुआ जा सकता है| किसी भी टोटके उपाय को आजमाने से पहले गुरु जी से सलाह अवश्य ले ताकि कोई भी कार्य पूर्ण होने में रुकावट पैदा न हो|
किसी व्यक्ति का वशीकरण करने में काली मिर्च से तीव्र वशीकरण किया जाता है, किसी स्त्री या पुरुष से प्रेम होने पर उसे पाने के उपायों में काली मिर्च काफी काम आती है| किसी भी व्यक्ति के लिए उसके प्यार को पाना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, अपने प्यार को पाने के प्रेमी हर संभव प्रयास करते हैं| कई इसमें सफल हो जाते हैं तो कईयों के हाथ असफलता लगती है, अगर आप अपने प्यार को पाने के लिए सभी प्रयास आजमा चुके हैं लेकिन आपको सफलता नही मिली है तो आपको काली मिर्च से तीव्र वशीकरण को ज़रूर आज़माना चाहिए| काली मिर्च के प्रयोग बहुत ही सटीक परिणाम देते हैं, महिलाओं को अगर अपने पति या प्रेमी से प्यार को पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तो उन्हें काली मिर्च से ये प्रयोग ज़रूर करना चाहिए|

काली मिर्च से प्रेम को पाना:-

आप 5 दाने काली मिर्च के लेकर किसी सुनसान स्थान या नदी के पास चले जाएँ, अब काली मिर्च के इन दानों को अपने सिर से 21 बार वारकर इनमे से 4 दानों को चारों दिशाओं में फैंक दें| एक बचा हुआ दाना आप ऊपर आसमान के तरफ फैंक दें, अब अपने प्रेमी का स्मरण करें| ये एक आसन सा प्रयोग है जिसे आप कभी भी कर सकते हैं, इसे करने के बाद आपके प्रेमी/प्रेमिका पर आपके प्यार का बुखार चढ़ जाएगा और आपको पाने के लिए बेताब हो उठेगा| जब भी आप घर से बाहर किसी महत्वपूर्ण काम को करने के लिए निकलें घर के मुख्य द्वार पर एक काली मिर्च का दाना रखें और उस पर पैर रखकर ही घर से बाहर निकलें| ऐसा करने से आपको अपने कार्य के मार्ग में आने वाली बाधाओं से मुक्ति मिलेगी साथ ही आपका काम शीघ्र ही संपन्न हो जायेगा| इस टोटके को करते समय ध्यान रखें कि आप काली मिर्च पर पैर रखकर बाहर निकल जाने के बाद दोबारा घर में प्रवेश न करें, क्योंकि ऐसा करने से टोटके का प्रभाव उल्टा हो सकता है|

काली मिर्च से धन प्राप्ति के अचूक उपाय:-

धन प्राप्ति के लिए काली मिर्च से तीव्र वशीकरण बहुत लाभदायक होता है, काली मिर्च से धन प्राप्ति के लिए आप ये टोटका करें, आप किसी सुनसान स्थान पर काली मिर्च के 5 दाने लेकर चले जाएँ| अब इन 5 दानों में से 4 दानों को चारों दिशाओं में फैक दें, एक दाने ऊपर आसमान की तरफ फैक दें| अब सीधे घर आ जाएँ और घर आते समय पीछे मुड़कर न देखें, धन प्राप्ति का ये बहुत ही आसान लेकिन बहुत ही कारगर उपाय है| इस उपाय को करने पर आपके लिए धन प्राप्ति के योग बनने लगेंगे|
अगर आपके ऊपर ग्रहों की स्थिति प्रतिकूल हो गयी है तो आपको काली मिर्च का ये टोटका ज़रूर करना चाहिए, अगर आपके ऊपर शनि ढेय्या का प्रभाव है तो आपको इस टोटके से निश्चित ही लाभ मिलेगा| आप एक काले कपड़े में काली मिर्ची के कुछ दाने और पैसा बांधकर दान में दे दें, इससे ग्रहों के स्थिति शांत हो जाती है आपके ऊपर उनका सकारात्मक असर होने लगता है| अगर आपके ऊपर किसी गृह का नकारात्मक प्रभाव है तो खाने में ऊपर से सफ़ेद नमक की जगह काले नमक का प्रयोग करें| इसके साथ ही अगर भोजन में मिर्च की मात्रा कम हो तो ऊपर से सिर्फ काली मिर्च का प्रयोग ही करें|

काली मिर्च से तीव्र वशीकरण का प्रयोग:-

घर के भीतर की नकारात्मक ऊर्जा या बुरी नज़र को दूर करने के लिए भी आप काली मिर्च से तीव्र वशीकरण का प्रयोग कर लाभ ले सकते हैं| काली मिर्च के 7 या 8 दाने लेकर उन्हें घर के किसी कोने में एक दीये के ऊपर रखकर जला दें, ये प्रयोग करने से घर पर बुरी नज़र से मुक्ति मिल जाएगी| अगर आपके घर में झगड़े और कलह की स्थिति बनी हुई है तो आपको इस टोटके से अभूतपूर्व लाभ होगा| घर में क्लेश की बड़ी वजह घर में नकारात्मक ऊर्जा का होना होता है, घर से नकारात्मकता बाहर निकालने के लिए ये प्रयोग ज़रूर करें|
इसके अलावा आप 5 ग्राम हिंग, कपूर और 5 काली मिर्ची के दाने लेकर इनको पीसकर राई के दाने के बराबर गोलियां बना लें| अब इन गोलियों को सुबह शाम जलाएं| इस प्रयोग को प्रतिदिन 3 दिन तक करना चाहिए, इस प्रयोग से नज़र से सम्बंधित सभी दोष दूर हो जाती हैं| इन गोलियों का सेवन करने से उल्टी दस्त में भी आराम लगता है| अगर आपके शत्रुओं ने आपके मार्ग में रुकावटें उत्पन्न कर दी हैं और वे आपकी ज़िंदगी पर गलत प्रभाव छोड़ रहे हैं तो आप दीवाली के दिन काली मिर्च का ये उपाय ज़रूर करें| दीवाली के दिन काली मिर्च के कुछ दाने लेकर घर के सभी सदस्यों पर से वारकर  ‘ॐ क्लीं’  इस बीज मन्त्र का उच्चारण करते हुए घर की दक्षिण दिशा में फैक दें| इस प्रयोग से आपके सभी शत्रु शांत हो जायेंगे. इस प्रयोग से कोई भी शत्रु जो आपका अहित करना चाहता है उसके सारे प्रयास असफल हो जायेंगे|

काली मिर्च के टोटके उपाय:-

काली मिर्च के टोटके आपको अपने जीवन में वांछित लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायता करते हैं, काली मिर्च से तीव्र वशीकरण एक अचूक उपाय है| आप अपनी जिंदगी में आने वाली चुनौतियों का सामना करने और नए मुकाम हासिल करने के लिए काली मिर्च के टोटकों का प्रयोग अवश्य करें| ये टोटके परीक्षित हैं, इनके प्रयोग से लाखों लोगों को फायदा हुआ है और उनकी ही तरह आप भी इनके प्रयोग से अपने ज़िंदगी में ख़ुशी और आनंद की प्राप्ति करें| काली मिर्च से किया गया हर टोटका शुद्ध भाव से किया जाना चाहिए, अपने मन में उठने वाले संदेहों को दरकिनार करके ईश्वर का स्मरण करके इन टोटकों का प्रयोग करें आपको निश्चित तौर पर अपने कार्य में सफलता मिलेगी और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति मिलेगी

Husband Wife Problems Guru ji

Husband Wife Problems Guru ji

तलाक/पुनर्विवाह समस्या का ज्योतिष समाधान


आजकल के ज़माने में वैवाहिक जीवन का सफल हो पाना बेहद मुश्किल हो गया है। आजकल पति-पत्‍नी छोटी-छोटी बातों पर भी तलाक लेने जितना बड़ा फैसला ले बैठते हैं। लेकिन कई बार शादी के बंधन में बंधे दो लोगों में से अन्‍य साथी तलाक लेने के लिए राज़ी नहीं होता एवं वह अपने शादी के अटूट रिश्‍ते को बचाना चाहता है। आज हम आपको बता रहें हैं कि ऐसे ही परिस्थिति से कैसे निपटना चाहिए एवं कुंडली के किस योग में किसी जातक को तलाक लेना पड़ता है। तलाक/पुनर्विवाह की समस्या के समाधान के लिए कोई भी साधक गुरु जी से परामर्श कर अपने जीवन में किसी भी समस्या को हटा सकता है |
कुंडली में पुनर्विवाह/तलाके के योग:
– सूर्य, राहु और शनि तथा बारहवें स्‍थान का मालिक तलाक की स्थिति उत्‍पन्‍न करते हैं। कुंडली का सप्‍तम भाव, सप्‍तम भाव का स्‍वामी और सप्‍तम स्‍थान का कारक ग्रह वैवाहिक सुख का संकेत देते हैं कुंडली के सातवें भाव में सूर्य विराजमान हो तो पार्टनर के अहंकार और अपनी बात को सर्वश्रेष्‍ठ ठहराने के कारण अलगाव की स्थिति उत्‍पन्‍न होती है। ज्‍यादातर सप्‍तम में बैठा सूर्य अहंकार और जिद्दीपने के कारण अलगाव देता है। कुंडली में लग्‍न भाव के स्‍वामी और चंद्रमा से सप्‍तमेश शुक्र की स्थिति से सकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है।
– सप्‍तम भाव के स्‍वामी की युति द्वादेश के साथ सप्‍तम भाव या बारहवें भाव से हो तो उस जातक के तलाक के योग बनते हैं। यदि लग्‍न स्‍थान में शनि या शुक्र के साथ राहु बैठा हो या सूर्य, शनि, राहु व द्वादश भाव का स्‍वामी चौथे घर में बैठा हो तो उस व्‍यक्‍ति के तलाक की संभावना रहती है। सप्‍तम भाव में राहु का उपस्थित होना सेप्रेशन की ओर इशारा करता है। ऐसी दशा में जातक का पार्टनर रहस्‍यमयी और झूठ बोलता है। सप्तम स्थान पर जितना अधिक पाप ग्रहों का वर्चस्व होगा उतनी अधिक समस्या आयेगी। सेप्रेशन कितने समय तक रहेगा यह पूर्णत: सप्तम पर पड़ने वाले प्रभाव पर निर्भर करता है।
– अगर किसी की कुंडली में गुरु में शुक्र की दशा चल रही है या शुक्र में गुरु की दशा से गुज़र रहे हैं तो पति-पत्‍नी के बीच हमेशा कलह रहती है।

तलाक से बचने/टालने/रोकने के उपाय

अगर आप अपने जीवनसाथी से तलाक लेने से बचना चाहते हैं तो आप अपने घर में उत्तर दिशा की दीवार पर हुनमान जी का वीर रूपक चित्र लगाएं। अपने पार्टनर की तस्‍वीर पर दक्षिणामुखी हनुमान मंदिर का सिंदूर लगाएं। यदि कुंडली में राहु की स्थिति के कारण तलाक लेने की नौबत आ गई है तो सात शनिवार को शाम के समय दक्षिणामुखी हनुमान मंदिर मं 7 नारियल चढ़ाएं और हनुमान जी सात बार परिक्रमा करें।

– अगर आपकी कुंडली में शनि की स्थिति के कारण तलाक के योग बन रहें हैं तो आप सात शनिवार को हनुमान जी की तस्‍वीर पर गुड़ का भोग लगाकर काली गाय को खिलाएं। इस उपाय को करने आपका तलाक रूक जाएगा। सूर्य की वजह से तलाक हो रहा है तो सात इतवार तक दिन के समय पूर्वमुखी हनुमान जी के मंदिर में 7 कंधारी आनर चढ़ाकर किसी नवविवाहित जोड़े को भेंट करें। यदि किसी के वैवाहिक जीवन में बहुत ज्‍यादा झगड़े हो रहे हैं और बात तलाक तक पहुंच गई है तो आप ऐसी परिस्थिति से बचने के लिए श्रावण मास में किसी शिव मंदिर में किसी विद्वान पंडित से ‘रुद्राष्‍टध्‍यायी’ अभिषेक करवाएं।

– अगर कोई स्‍त्री अपने वैवाहिक जीवन को बचाने के लिए अपने पति को सही मार्ग पर लाना चाहती है तो वह ये टोटका आज़मा सकती है। गुरुवार के दिन तीन सौ ग्राम बेसन के लड्डू, आटे के 2 पेड़े, तीन केले और चने की गीली दाल     किसी गाय को खिलाएं। खिलाते समय गाय माता से निवेदन करें कि वह आपके पति को सुधार दें। इस टोटके को करने के बाद आपके पति में सुधार आना शुरु हो जाएगा।

– सात मंगलवार तक 7 सात नींबू, 7 सुपारी, 7 लौंग, 7 मेलफल, 7 जायफल, 7 तांबे, 7 सीताफल के त्रिकोण टुकड़ों को एक लाल रंग के कपड़े में बांध लें। इसे हनुमान मंदिर में चढ़ा दें।

अगर पति-पत्‍नी के बीच के झगड़े तलाक तक पहुंच जाए तो से रोकने के लिए आप ये टोटका आज़माएं। अपने घर में शिवलिंग की स्‍थापना करें। 41 दिन तक रोज़ सुबह स्‍नान के बाद उस शिवलिंग पर बेलपत्र और जल अर्पित करें। रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का ‘ॐ नमः शिवः शक्तिस्वरूपायः ममः गृहे शांति कुरु कुरु स्वाहः’ का पांच माला जाप करें। इस उपाय के प्रभाव से पति-पत्‍नी के बीच आपसी प्रेम बढ़ता है।

– यदि पति-पत्‍नी के बीच का आपसी झगड़ा कचहरी तक पहुंच गया है लेकिन आप इअपी शादी को तोड़ना नहीं चाहते तो आप भगवान गणेश की उपासना करें। गणेश जी को लड्डू चढ़ाएं। गणेश जी प्रसन्‍न होकर आपकी मनोकामना अवश्‍य पूर्ण करेंगें। पति-पत्‍नी के बीच के आपसी मतभेद दूर करने के लिए अपना पलंग पूर्व की दिशा में ही लगाएं। इस टोटके से आपके घर और रिश्‍तों में सकारात्‍मक ऊर्जा का संचार होगा।

अगर पति-पत्‍नी के बीच कलह रहती है तो आप ये उपाय कर अपने वैवाहिक जीवन को सुखी बना सकते हैं। तीन गोमती चक्र लेकर अपने घर की दक्षिण दिशा में फेंक दें। इसके अलावा पांच गोमती चक्र सिंदूर की डिब्‍बी में रखकर अपने पूजन स्‍थल में रख दें। रोज़ पूजा के समय उसी सिंदूर को पति अपनी पत्‍नी की मांग में भरे और पत्‍नी अपने पति के तिलक लगाए। इस उपाय से न केवल पति-पत्‍नी के रिश्‍ते की कड़वाहट दूर होगी बल्कि घर में भी सुख-समृद्धि आएगी। मां लक्ष्‍मी को गोमती चक्र अतिप्रिय हैं इसलिए गोमती चक्र का ये उपाय करने से आपके ऊपर धन की वर्षा होगी और आपके घर में बरकत रहेगी।

– अगर आप तलाके के लिए कचहरी जा रहे हैं तो गहरे रंग के वस्‍त्र ही पहनकर जाएं। ऐसा करने से फैसला आपकी इच्‍छा के अनुसार ही होगा और आपके पक्ष में रहेगा। तलाक की सुनवाई के लिए कचहरी जा रहें हैं और यदि आप चाहते हैं कि फैसला आपके पक्ष में हो तो कचहरी जाते समय 5 गोमती चक्र अपनी जेब में रख लें। कोर्ट के अंदर पहुंचने पर गोमती चक्रों को अपने दाहिने पैर के नीचे दबा दें।

Photo se vashikaran Specialist

Photo se vashikaran Specialist   

तस्वीर या फोटो द्वारा वशीकरण मंत्र करना

किसी भी व्यक्ति के ऊपर आप फोटो द्वारा वशीकरण मंत्र का प्रयोग कर अपना प्रभाव डाल सकते है अगर वह उपस्थित नही है तो आप उसकी फोटो/तस्वीर से उसे वश में किया जा सकता है| फोटो द्वारा वशीकरण मंत्र  आपको मौका देता है कि आप दूर से ही किसी व्यक्ति पर अपने वशीकरण का प्रभाव डाल सकें| फोटो द्वारा वशीकरण मंत्र के बहुत ही चमत्कारिक असर होते हैं, इसलिए आपको ये सलाह दी जाती है फोटो द्वारा वशीकरण मंत्र का प्रयोग करते हुए इसे लोगों से छुपा कर करें| इस संबंध में गौर करने वाली बात ये है कि आप फोटो द्वारा जिस भी व्यक्ति का वशीकरण करना चाहिए उसे भी इस बात की खबर नही होनी चाहिए| दूर स्थित किसी भी व्यक्ति को उसकी फोटो के प्रयोग से वश में किया जा सकता है लेकिन उसे इस बारे में जानकारी नही होनी चाहिए|
लोगों के लिए फोटो द्वारा वशीकरण के कई फ़ायदे हैं. जिस तरह से तंत्र, मंत्र, यंत्र आदि विधियों में व्यक्ति का नाम महत्वपूर्ण होता है उसी प्रकार फोटो द्वारा वशीकरण मंत्र के लिए व्यक्ति के फोटो या तस्वीर होना अनिवार्य है| तस्वीर से वश में करना उन लोगों के लिए बहुत कारगर होता है जो अपने पति या पत्नी पर वशीकरण करना चाहते हैं, अपनी प्रेमिका-प्रेमी को पाना चाहते हैं या फिर किसी शत्रु के प्रभाव नष्ट करना चाहते हैं|
एक व्यक्ति को अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. प्रेम से संबंधित समस्याएं हर इंसान को विचलित कर देती हैं, अगर आपके साथ भी ऐसी कोई स्थिति है तो आप अपने प्रेमी या प्रेमिका की तस्वीर लेकर वशीकरण के प्रयोग से अपना प्यार पा सकते हैं| फोटो द्वारा वशीकरण मंत्र का प्रयोगकरते समय मन में किसी प्रकार की बुरी भावना न करें| ऐसा करने से आपको बहुत अच्छा और बहुत जल्द परिणाम देखने को मिलेगा|
फोटो से वशीकरण कैसे करे:-
अगर आप किसी से बहुत प्यार करते हैं लेकिन किसी कारण से आपके बीच दूरियां बनी हुई है तो इस प्रयोग को करें. किसी शुक्रवार को सुबह 6 बजे या रात को 12 बजे पश्चात अपने घर के किसी एकांत कमरे में सफ़ेद रंग के कपड़े का आसन लगाकर बैठ जाएं. अपने सामने प्रेमी या प्रेमिका की तस्वीर वशीकरण यंत्र के साथ रखें. तस्वीर में अपने प्रेमी या प्रेमिका के मस्तक पर तिलक लगा दें. अब तस्वीर और वशीकरण यंत्र पर अपने चित्त को केन्द्रित करें. अब स्फटिक माला के प्रयोग से “ॐ रं श्रृं अमूकं वश्य मानाया हूं!” इस मंत्र का इक्कीस बार जप करें. इस मंत्र में जहाँ पर अमुक शब्द प्रयोग हुआ है उसके स्थान पर आप जिसका वशीकरण करना चाहते हैं उसका नाम उच्चारित करें|
इस छोटे से प्रयोग से आपको 2 दिन के भीतर ही काफी अच्छे परिणाम मिलने लगेंगे, इस वशीकरण के प्रयोग से  आपके प्रिय तक आपका प्रेम संदेश पहुँच जाएगा और वह आपके प्यार को पाने के लिए व्याकुल हो उठेगा|
तस्वीर से वश में करने का प्रयोग:-
किसी स्त्री की तस्वीर के प्रयोग से आप उसका वशीकरण कर सकते हैं, इस प्रयोग को करने के लिए आपको एक भैरवी चक्र या देवी चक्र बनाना होगा| आप रात्रि बारह बजे के समय एक स्वच्छ कमरे में आसन लगा कर बैठ जाएँ और अपने सामने उस स्त्री या लड़की तस्वीर रखें जिसे आप अपने वश में करना चाहते हैं| इसके बाद भूमि पर गेहूं के आटे या चावल के प्रयोग से भैरवी चक्र बना दें| अब एक घी का दीपक जला दें और उसको सिंदूर से तिलक कर दें| अब पूजा पूरी करें और साथ ही इस मंत्र का जाप करें:-
मन्त्र – “क्लीं हिं ऐ चामुण्डाय विच्चे”.
इस मन्त्र का जाप आपको 108 बार करना होगा. इस पूरे फोटो द्वारा वशीकरण मंत्र के उपाय को लगातार 21 दिनों तक करें. इससे आपको अपने प्रेम में सफलता अवश्य मिलेगी|
किसी भी प्रकार के वशीकरण में आपके मनोबल का बहुत ही महत्व होता है, अगर आपका मनोबल मजबूत है और संकल्प दमदार है तो आप आसानी से किसी को भी वशीभूत कर सकते हैं| आप तस्वीर से वशीकरण करने के लिए दुर्गा सप्त शती मंत्र का प्रयोग भी कर सकते हैं. मन्त्र इस प्रकार है:
ज्ञानी नामापि चेतान्सी, देवी भगवति ही सा! बलदाय कृष्य मोहाय प्रयछति!!
इस मन्त्र का जाप माँ दुर्गा के मूर्ति या तस्वीर के सामने ही करें. आप माँ के तस्वीर के पास जिस व्यक्ति को वश में करना चाहते हैं उसकी तस्वीर भी रखें. इस मंत्र का एकाग्रता पूर्वक 108 बार प्रतिदिन 1 सप्ताह तक जप करने पर आश्चर्यजनक लाभ होगा|
घर में पति पत्नी का प्रेम पूर्वक रहना बहुत ज़रूरी है, घर में अगर किसी भी कारण से पति पत्नी में विवाद या कलह होता है तो गृहस्थी की गाड़ी डगमगाने लगती है. आप पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास बना रहें इसके लिए आप ये उपाय करें| आप किसी शुक्रवार के दिन एक छोटी शीशी लें और उसमें थोड़ा सा शहद डाल दें| आप अगर पति-पत्नी में से जिसे भी वश में करना चाहते हैं उसकी एक छोटी फोटो को इस शीशी के अंदर रख दें. अब इस शीशी को अपने बिस्तर के नीचे छुपाकर रख दें. इस सरल से प्रयोग से पति-पत्नी का वशीकरण हो जाता है. इसके टोटके का आपको अद्भुत लाभ प्राप्त होंगे, इससे पति और पत्नी के बीच प्यार और विश्वास की डोर मज़बूत होगी|
फोटो वशीकरण से अपनी तरफ आकर्षित करना:-
अगर आप एक स्त्री हैं और आप चाहती हैं कि आपके पति सिर्फ आपको ही प्यार करें, तो आप ये उपाय करें| आप लाल आसन बिछा कर माँ चंडी की पूजा करें और चंडी स्त्रोत को पढ़ें| पूजा करते समय माँ के चरणों में चन्दन, केसर पाउडर और पान का पत्ता रखने| पूजा पूरी होने पर रखे हुए चन्दन और केसर से तिलक लगाएं और अपने पति की तस्वीर के सम्मुख जाएँ|


Wednesday, 19 July 2017

Kundalini Jagaran Sadhana Mantra method

Kundalini Jagaran Sadhana Mantra method


कुण्डलिनी जागरण साधना मंत्र तरीका

कोई भी साधक कुण्डलिनी जागरण साधना करना चाहता है तो इसके लिए आवयश्क मंत्र तरीका विधि कुण्डलिनी कैसे जगाये और इसके क्या लक्षण होते के बारे पर्याप्त मार्गदर्शन के बाद ही प्रयोग करे| मनुष्य की कुण्डलिनी उसके मूलाधार चक्र में साढ़े 3 फेरे लेकर उपस्थित रहती है. ये जब जागृत होती है तो ऊपर की तरफ गति करने लगती है| अध्यात्म और योग में कुण्डलिनी जागरण साधना थोड़ी जटिल और कष्टदायी है, आध्यात्मिक विकास के मार्ग पर चलने वाले साधकों की कुंडलिनी सहज रूप से जाग्रत हो जाती है| लेकिन योग साधना और आध्यात्मिक विधियों में कुंडलिनी जागरण की विशिष्ट विधियाँ भी हैं| कुंडलिनी का जागरण बहुत ही विस्फोटक असर पैदा करता है इसलिए कुण्डलिनी जागरण साधना करने वाले व्यक्ति को विशेष सावधानी रखने की ज़रूरत होती है|
कुण्डलिनी जागरण साधना करने वाले साधकों को कुंडलिनी जागरण के प्रभावों के बारे में स्पष्ट समझ होना ज़रूरी है| कुण्डलिनी आत्मा और शरीर के बीच बफ़र का काम करती है| कुण्डलिनी की वजह से शरीर को होने वाले कोई भी अनुभव आत्मा तक नही पहुँच पाते, प्रकृति ने कुण्डलिनी को एक विशेष उद्देश्य के लिए निर्मित किया है| इसलिए इसको जागते समय विशेष सावधानी और किसी सिद्ध पुरुष का सानिध्य आवश्यक है|
कुण्डलिनी जाग्रत होने पर साधक को अद्भुत अनुभव होने लगते हैं और विशेष सिद्धियाँ भी प्राप्त होने लगती हैं, कुण्डलिनी के जाग्रत होने पर साधक पानी पर चलने जैसे चमत्कार भी कर सकता है| इसके अलावा जिस व्यक्ति की कुण्डलिनी जाग्रत हो जाती है वह दूसरे के विचारों को भी पढ़ सकता है| जब साधक की कुण्डलिनी जागृत होती है तो उसके मूलाधार चक्र में कम्पन होने लगता है और वहां से सर्पिलाकार तरंगे उठने लगती हैं| साधक को एक से अधिक शरीर होने का आभास होने लगता है, कुण्डलिनी के जाग्रत होने पर अद्भुत आध्यात्मिक लाभ होने लगते हैं| जिन साधकों की कुण्डलिनी जागृत हो जाती है उन्हें अपूर्व स्वास्थ्य लाभ होने लगता है, उनके चेहरे पर अलग ही आभा दिखाई देने लगती है|
कुण्डलिनी को जागृत/जागरण कैसे करें/विधि/उपाय:-
अगर आप जानना चाहते हैं कि कुण्डलिनी को जागृत कैसे करें तो यहाँ दी गयी कुण्डलिनी जागरण की विधि का अनुसरण करें| कुण्डलिनी जागरण साधना में जोखिम होने के कारण गुरुओं से इसे गुप्त रखने का प्रयास किया है| योग क्रिया के अंतर्गत कुण्डलिनी के जागरण की सबसे सरल विधि दी गयी है| कोई भी साधक जो कुण्डलिनी का जागरण करना चाहता है उसे किसी गुरु के मार्गदर्शन में ही ऐसा करना चाहिए| गुरु या सिद्ध योगी की अनुपस्थिति में किया गया प्रयास आपके लिए हानिकारक हो सकता है| ध्यान की विधियों के अंतर्गत कुण्डलिनी का जागरण किया जा सकता है| जो साधक ध्यान की विधियों का नियमित अभ्यास करते हैं उनके लिए इस विधि से कुण्डलिनी जागरण सुगम हो जाता है|
कुंडलिनी को जाग्रत करने के लिए शरीर के चक्रों पर ध्यान केन्द्रित करना होता है, मूलाधार चक्र से लेकर सहस्रार चक्र तक ध्यान करने से कुंडलिनी का जागरण संभव हो जाता है| कुण्डलिनी जागरण साधना में सात चक्रों पर ध्यान केन्द्रित किया जाता है, मूलाधार चक्र पर ध्यान केन्द्रित करने से यह जाग्रत हो जाता है और इस चक्र से सम्बंधित विकार शरीर से दूर होने लगते हैं| इस चक्र की जाग्रति पर साधक निर्भीक और आनंदित रहने लगता है, इस चक्र पर ध्यान करते हुए साधक को ‘लं’ इस मन्त्र का जप करना चाहिए|
मूलाधार चक्र के ऊपर स्वधिष्ठान चक्र होता है इस पर ध्यान लगाने के लिए ‘वं’ इस मन्त्र का उच्चारण किया जाता है, इस चक्र के जाग्रत होने पर सभी दुर्गुण समाप्त हो जाते हैं और साधक को विशेष सिद्धि प्राप्त होती है| मनुष्य की नाभि के पास मणिपुर चक्र होता है, इस चक्र पर ध्यान केंद्रित हुए मन्त्र ‘रं’ का उच्चारण करें| इस चक्र की जागृति होने पर साधक के भीतर आत्मशक्ति बढ़ जाती है|
मनुष्य के शरीर में चौथा चक्र अनाहत चक्र होता है, इस चक्र पर ध्यान करते हुए ‘यं’ इस मन्त्र का उच्चारण करना चाहिए| रात्रि सोते समय इस चक्र का ध्यान करना चाहिए| ये चक्र ह्रदय के स्थान के पास होता है, यहाँ ध्यान लगाने से साधक की रचनात्मकता की वृद्धि हो जाती है| इसके बाद पांचवा चक्र विशुद्ध चक्र होता है, ये चक्र कंठ के पास स्थित होता है| इस चक्र पर माँ सरस्वती का वास होता है, इस चक्र के जागृत होने पर सोलह कलाओं का ज्ञान हो जाता है| इस चक्र को जाग्रत करने के लिए कंठ पर ध्यान केन्द्रित करते हुए ‘हं’ इस मन्त्र का उच्चारण करना चाहिए|
इसके बाद मनुष्य के शरीर में छटवां चक्र होता है उसे आज्ञा चक्र कहते हैं, आज्ञा चक्र के जागने से व्यक्ति बहुत ज्ञानी हो जाता है| आज्ञा चक्र के जागने से आध्यात्मिक विकास बहुत तेज़ गति से होता है| आज्ञा चक्र को जगाने के लिए दोनों आँखों के बीच भ्रकुटी के मध्य ध्यान करते हुए ‘ॐ’ का ध्यान करना चाहिए, इस चक्र पर ध्यान करने से बहुत सारी सिद्धियाँ प्राप्त की जा सकती हैं| कुंडलिनी जागरण साधना के अंतर्गत अंतिम चक्र सहस्रार चक्र होता है|
जब मनुष्य के विद्दयुत शरीर की शक्तियां मूलाधार से उठकर सुषुम्ना नाड़ी से बहती हुई सहस्रार तक पहुँच जाती है तो साधक बुद्धत्व को प्राप्त हो जाता है| सहस्रार चक्र मनुष्य के सिर के ऊपर चोटी के स्थान पर स्थित होता है, जब मनुष्य के शरीर की ऊर्जा गति करके सहस्रार तक पहुँच जाती है तो वह परम शक्ति में विलीन होने की स्थिति तक पहुँच जाता है| इस अंतिम चक्र के जागृत होने पर मनुष्य सांसारिक चक्र से मुक्त हो जाता है, ऐसे सिद्ध पुरुष के मस्तिष्क के चारों तरफ एक आभा मंडल निर्मित हो जाता है|
कुण्डलिनी जागरण साधना:-
जब कुण्डलिनी जागरण साधना से किसी साधक की कुण्डलिनी जागृत हो जाती है तो उसे बहुत ज्यादा ऊर्जा प्राप्त हो जाती है, कुण्डलिनी के जागृत होने होने वाले अनुभव कभी-कभी भयभीत कर देने वाले भी होते हैं, जैसे कभी-कभी साधक को लगता है कि उसके एक से ज्यादा शरीर हैं और उनका भी उसी की तरह अलग अस्तित्व है| कुण्डलिनी जागरण साधना के दौरान को दूसरे शरीर का बोध होता है वह मनुष्य का सूक्ष्म शरीर होता है, इस शरीर को विद्युत शरीर भी कहते हैं| यौगिक प्रक्रियाओं में कुण्डलिनी को जागृत करने के लिए कई विधियाँ है, इस कुण्डलिनी जागरण साधना में किसी भी तरह से मूलाधार चक्र पर स्थित समस्त ऊर्जा को उर्ध्वगामी करके सहस्रार चक्र तक पहुँचाना होता है| मूलाधार पर ये सुषुप्त होती है लेकिन सहस्रार पर पहुंचकर से अद्भुत प्रभाव पैदा करने लगती है|
कोई साधक हठ योग या राज रोग के प्रयोग से कुण्डलिनी को जागने का उपाय कर सकता है, लेकिन इस तरह का प्रयोग करते समय बहुत अधिक सावधानी रखना बहुत ज़रूरी है| कुण्डलिनी के जागरण की प्रक्रिया में समय बहुत लगता है इसलिए ऐसा करते हुए धैर्य बनाये रखना भी ज़रूरी है| कुण्डलिनी के जाग्रत होने पर ऊर्जा को उचित गति नही दे पाने के कारण साधक विक्षिप्त भी हो सकता है, इसलिए सबसे ज़रूरी बात ये है कि कुण्डलिनी जागरण साधना करने से पहले हमसे जरूर मार्गदर्शन लें|

Powerful Shabar Vashikaran Mantra

Powerful Shabar Vashikaran Mantra


शक्तिशाली शाबर वशीकरण मंत्र

क्या किसी स्त्री और पुरुष को शक्तिशाली शाबर वशीकरण मंत्र टोने टोटके का प्रयोग कर अपने काबू में करना चाहते है ? तंत्र-मंत्र-यंत्र और ज्योतिषीय उपायों में पुरुष या स्त्री को वशीकरण करने के कई तरीके बताए गए हैं।  इन्हीं में शाबर वशीकरण के मंत्र भी हैं। कोई पति को अपने वश में रखना चाहती है, तो कोई चाहता है कि उसकी पत्नी हमेशा उसके सम्मोहन में बंधी रहे। किसी पर-पुरुष की ओर आंख उठाकर भी नहीं देखे। ऐसे ही प्रेमी-प्रेमिका की इच्छा रहती है कि उनके बीच आपसी प्रेम हमेशा बना रहे। इन सबके लिए किए जाने वाले वशीकरण के उपाय अचूक असर वाले होते हैं।
कुछ उपाय सरल होते हैं, जबकि कुछ के शाक्तिशाली प्रभाव के लिए गहन तपस्या और तांत्रित अनुष्ठान किए जाते हैं। हालांकि अधिकतर शाबर मंत्र अपने-आपमें सिद्ध होते हैं, ये केवल थोड़े जप के बाद ही बहुत ज्यादा चमत्कारी प्रभाव दिखाते हैं। और तो और, इनके प्रभाव काफी स्थायी होते हैं तथा इनकी काट असंभव है। आईए, एक नजर डालते हैं उन मंत्रों पर जिनकी मदद से समस्याओं का समाधान किया जा सकता है और वशीकरण का प्रभाव प्राप्त किया जा सकता है।
स्त्री वशीकरण शाबर मंत्र: कोई स्त्री कुंवारी हो, या व्याहता उसे मोहित करने के लिए सदियों से प्रचलन में शाबर मंत्र बहुत ही उपयोगी साबित होते हैं। इसके प्रभाव में आकर स्त्री काफी हद तक वशीभूत हो जाती है। इन मंत्रों को किसी तांत्रिक के सानिध्य में बताए गए विधि के अनुसार करना चाहिए तथा इसका प्रयोग स्वार्थरहित भावना से सच्चाई के लिए किया जाना चाहिए। इस संबंध मं तीन मंत्र इस प्रकार हैंः-
मंत्र 1.
ओम नमो काला भैरूं,
काली रात, काला चाल्या आध् रात,
काला रेत मेरा वीर,    
पर नारी के राखे सीर, बेगी जा छाती धर ला,
सूती हो जो जगाय ला,
शब्द सांचा पिण्ड कांचा पफूरो मंत्रा ईश्वरी वाचा।
इस मंत्र के इस्तेमाल से पहले किसी पर्वकाल, होली, दीवाली या ग्रहण पर 21 दिनों तक सिद्ध कर लिया जाता है। वैसे यह सिद्धि सात दिनों की भी हो सकती है। उसके बाद इन्हीं में किसी एक मौके पर या रविवार को पुष्य नक्षत्र में अरंड की सूखी डाल को एक झटके में तोड़ लाएं। उसे जलाकर सरसो या तीसी के तेल में काजल बनाएं। उस काजल पर मंत्र छिड़ककर वशीभूत किए जानेवाली स्त्री के शरीर पर कहीं भी लगा दें। वैसे इस काजल को शरीर के किसी अंग या कपड़े पर कहीं भी लगाया जा सकता है। एसा करते ही कुछ समय बाद उसके स्वाभाव में बदलाव और वशीकरण का असर दिखने लगता है।
मंत्र-2.
ओमजल मोहूं, थल मोहूं, जंगल की हिरणी मोहूं,
बाट चलंता बटोही मोहूं, कचहरी बैठी राजा मोहूं,
पीढ़ा बैठी रानी मोहूं, मोहनी मेरा नाम,
मोहूं जग संसार, तारा तरीला तोतला तीनों बसैं कपाल,
मस्तक बैठी मात के दुश्मन करूं पामाल,
मेरी भक्ति गुरु की शक्ति पुफरो मंत्र ईश्वरी वाचा।
पहले मंत्रं की तरह ही इस मंत्र के प्रयोग से पहले 21 दिनों तक सिद्ध किया जाता है। इसकी शुरुआत शनिवार से कि जाती है तथा आधी रात के समय नित्य जाप किया जाता है। हर मंत्र के साथ अग्नि में गुगल की आहूति दी जाती है। इसके प्रयोग के समय कोई मिठाई पर मंत्र को 21 बार पढ़कर वशीकरण किए जाने वाली स्त्री को खिला देने से वह वशीभूत हो जाती है।
मंत्र-3.
ओम सत्ता नाम आदेश गुरु को, लौंग तू मेरा भाई,
चार लौंग ने शक्ति चलाई, पहली लौंग राती माता,
दूजी लौंग जोबन जाती, तीजी लौंग अंग मरोड़े,
चैथी लौंग दोऊ कर जोड़े, चारो लौंग जो मेरी खाए
अमुकी अमुक के पास चली आए,
मेरी भक्ति गुरु की शक्ति फूरो मंत्र ईश्वरी वाचा।
इस मंत्र का जाप सिद्धि के लिए रविवार से शुरुकर नित्य 41 बार आधी रात को 21 दिनों तक करना चाहिए। इससे चार लौंगों पर अभिमंत्रित किया जाते जिस जिस किसी औरत को खिला दिया जाए वह जीवनपर्यंत वश में रहती है।
 प्यार की चाहतः मनचाहे प्यार को हासिल करने का एक बहुत ही उपयोगी शाबर मंत्र हैः-
ओम नमो धूलि धूलि,
विकट चांदनी पर मारूं धूलि।
धूलि लगे, बने दीवानी।
घर तजे, बाहर तजे।
ठाडा तजे भर्तार दीवानी।
तू नाहरसिंह वीर अमुक को उठाय लाव।
न लाय तो हनुमान वीर की दुहाय।
मेरी भक्ति, गुरु की शक्ति, फुरो मंत्र ईश्वरोवाचा।
इस मंत्र की सिद्धि के लिए शनिवार को श्मशान से किसी स्त्री की चिता की राख लाई जाती है। उस राख को इस मंत्र से 108 बार अभिमंत्रित कर उससे जिस किसी स्त्री को तिलक लगाया जाए या उसके सिर पर फूंक मारकर डाल दिया जाए वह निश्चित तौर वशीभूत हो जाती है।
भैरव वशीकरण मंत्रः इसके लिए तीन शाबरी मंत्र के रूप में अचूक परिणाम देने वाले हैं। वह मंत्र हैः-
1.ओम नमो रुद्राय, कपिलाय, भैरवाय, त्रिलोक-नाथाय, ओम फट् स्वाहा।
इस भैरवी मंत्र को पहले 15000 बार जाप कर सिद्ध किया जाता है। इसके लिए किसी रविवार को गुग्गल, धूप, दीपक के साथ सामान्य अनुष्ठान किए जाते हैं। इस क्रम में इस मंत्र का 108 बार जाप कर लौंग को अभिमंत्रित कर लिया जाता है। उस लौंग को जिस किसी को खिलाया जाता है वह वशीभूत हो जाता है।
2.मंत्रः ओम नामो काला गोरा भैरुं वीर, पर नारी सूं देही सीर।
गुड़ परिदीयी गोरख जाणी, गुद्दी पकड़ दे भैंरु आणी, गुड़, रक्त की धारि ग्रास, कदे न छोड़े मेरा पाश।
जीवत सवै देवरो, मुआ सेवै मसाण। पकड़ पलना ल्यावे।
 काला भैंरु न लावे, तो अक्षर देवी कालिका की आण।
फुरो मंत्र, ईश्वरी वाचा।
इस मंत्र का 21,000 बार जाप करने के बाद गुड़ को 21 बार जाप से अभिमंत्रित किया जाता है। फिर उस मंत्र को वशीकरण किए जाने वाले व्यक्ति को खिलाया जाता है।
3.मंत्रः ओम भ्रां, भ्रां भूं भैरवाय स्वाहा। ओम भं भं भं अमुक-मोहनाय स्वाहा।
इस मंत्र को सात बार जाप कर पीपल के पत्ते को अभिमंत्रित कर लिया जाता है। अब जिसे वशकरीण करना होता है उसके घर में उसी पत्ते पर मंत्र को लिखकर फेंक दिया जाता है। या फिर उसके घर के पीछे जमीन में दबा दिया जाता है। यह बहुत ही अचूक टोटके की तरह काम करता है।
उर्वशी यंत्र से साधनाः शबर मंत्र के तौर पर वशीकरण के लिए उर्वशी यंत्र का उपयोग किया जाता है। इसके लिए रात्री में जाप किया जाने वाला मंत्र ओम सं सौन्दर्योत्तमायै नमः है। इसके जाप से पहले उपलब्ध यंत्र के अनुरूप कुमकुम या कस्तूरी के बुरादे से यंत्र तैयार किया जाता। उसके बाद सफेद परिधान में धूप-दीप, पुष्प आदि से पूजन किया जाता है। पूजा में सफेद फूल का उपयोग किया जाता है। उसके बाद पांच माला से दिए गए मंत्र का जाप किया जाता है। ऐसा पांच दिनों तक किया जाता है और अंतिम दिन रात को हवन का अनुष्ठान किया जाता है। इस यंत्र साधना से जिस किसी को वशीकरण करने का संकल्प लिया जाता है, उस संबंध में मनोकामना पूर्ण होती है।

Friday, 14 July 2017

Vashimkaran karane ke mantra totake upaay

Vashimkaran karane ke mantra totake upaay


किसी के नाम से वशीकरण करने के मंत्र टोटके उपाय

यदि किसी का नाम लेकर उसको वश में करना चाहते है तो नाम से वशीकरण करने के मंत्र टोने टोटके का प्रयोग कर उसको वशीभूत किया का सकता है| किसी को भी निम्बू या नाम से वशीकरण कैसे करे और ये कैसे होता है सब संभव होता है यहां पर| किसी व्यक्ति को वश में करके उससे अपने अनुरूप काम करवाने के लिए नाम के द्वारा वशीकरण किया जाता है, नाम से वशीकरण कैसे करे ये जानने के लिए नाम वशीकरण के ज्योतिषिक उपायों या टोटकों को जानना ज़रूरी है| कुछ सरल टोटके और मन्त्रों की सहायता से किसी व्यक्ति के नाम का प्रयोग करके उसका वशीकरण किया जा सकता है| जो व्यक्ति जानना चाहते हैं कि नाम से वशीकरण कैसे करे तो उन्हें यह भी जानना ज़रूरी है कि वशीकरण का प्रयोग करते समय मन में किसी का अहित या बुरा करने की भावना नही होनी चाहिए|
आप नाम से वशीकरण के उपाय करके शत्रु पर विजय पा सकते हैं, इसके द्वारा आप अपने प्रेम को पा सकते हैं| यदि आपकी पत्नी आपसे रूठ गयी है या फिर आपके पति किसी दूसरी औरत के चुंगल में फंस गए हैं तो आप नाम से वशीकरण कैसे करे ये जान लें, क्योंकि इन साधारण नाम वशीकरण के तरीकों से आपको चमत्कारिक लाभ होगा|
नाम से वशीकरण करने के मंत्र/टोटके:-
“ओम कलीम कृष्णय” इस मन्त्र को हर दिन 551 बार उच्चारित करें, अपने प्यार को पाने या रूठे हुए साथी को मनाने में ये मन्त्र बहुत असरदार सिद्ध हुआ है| इस मंत्र के लिए शुक्रवार का दिन उचित होता है, इसलिए इसी दिन से आप मन्त्र का जाप शुरू करें| ये प्रयोग या टोटका आपको हर शुक्रवार लगातार 7 बार करना है. इसके लिए आपको सात पान के पत्तों, पानी और सिंदूर की आवश्यकता होगी| प्रतिदिन सुबह स्नान आदि से निपटने के बाद इस मंत्र को पान के पत्तों पर पढ़ें, उसके बाद जिस व्यक्ति का प्रेम आप पाना चाहते हैं उसका एक पान के पत्ते पर नाम लिख कर अपने ऊपर से बाएं से दायें की तरफ़ घुमाएँ और दूर कहीं ले जाकर फेंक दें| ये उपाय करने के बाद आप जिसे वश में करना चाहते हैं उसके सम्मुख जाएँ|
इस टोटके का प्रयोग करते समय मांस, मदिरा या व्यभिचार न करें, अपने मन में धार्मिक भाव रखें और अपने प्रयासों के प्रति मन में शंका पैदा न होने दें| ये प्रयोग पूरे 7 शुक्रवार तक करें, अगर आप प्रयोग बीच में बंद कर देंगे तो आपको अपेक्षा के अनुसार परिमाण नही मिल पायेगा| कई लोग अपने दुश्मनों से परेशान रहते हैं और उनकी जिज्ञासा रहते हैं कि दुश्मन का उसके नाम से वशीकरण कैसे करे| यहाँ पर जो मन्त्र और उसका प्रयोग आपको बताया जा रहा है उसके प्रयोग से आपके दुश्मन आपसे भयभीत होकर दुश्मनी भूल जायेंगे. ये मन्त्र इस प्रकार है – “ज्ञानी न मापी चेतान्सी देवी भगवती हिंसा ग्रहा बलदा कृष्य मोहाय महामाया परयाकष्टि”|
नींबू/निम्बू से वशीकरण:-
इस मंत्र के द्वारा नाम वशीकरण करने के लिए आपको 2 पीले नींबू, एक काला कपड़ा, एक सफ़ेद कोरा कागज और लाल सिंदूर की ज़रूरत होगी| इस टोटके को करने के लिए शनिवार का दिन अति उत्तम होता है. शनिवार के दिन आप सुबह उठ कर स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहन कर मंदिर जाएँ और वहां पर भगवान के आगे माथा टेकें| अब नींबू को लेकर किसी सुनसान स्थान पर जाएँ, यहाँ पर एक नींबू पर ख़ुद का नाम लिखें और दूसरे निम्बू पर उस व्यक्ति का नाम लिखें जो दुश्मन बनकर आपके जीवन में परेशानी पैदा कर रहा है| इसके बाद एक कोरे सफ़ेद कागज़ में उस व्यक्ति का नाम हरी स्याही से 251 बार लिखें| अब दोनों नींबू को कागज़ में लपेट दें और ऊपर दिए गये मंत्र का 251 बार जाप करें|
जप पूरा होने के बाद निम्बू को कागज़ से बाहर निकाल लें और उस नींबू को बीच से काट दें जिस पर आपने शत्रु का नाम लिखा है, ध्यान रहे कि नींबू काटते समय शत्रु का नाम भी बीच से कट जाए| अब इस कटे हुए नींबू का रस पी लें, बचे नींबू और कागज़ को दूसरे दिन नदी में प्रवाहित कर दें| ये टोटका पूरा होने के बाद प्रतिदिन सुबह लगातार 11 दिनों तक मन्त्र का उच्चारण करना न भूलें| इस वशीकरण के प्रयोग से आपके शत्रु का सारा नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जायेगा, या तो वह आपकी ज़िन्दगी से हमेशा के लिए दूर हो जायेगा या फिर वह आपका मित्र बनकर व्यवहार करेगा|
नाम से वशीकरण:-
कई बार आपके सामने कई लोगों को अपने प्रभाव के लेने की ज़रूरत होती है, ऐसे में एक समुह के लोगों का नाम से वशीकरण कैसे करे ये जानना ज़रूरी हो जाता है| आप कई लोगों पर एकसाथ वशीकरण के लिए इस उपाय को कर सकते हैं, आप जितने लोगों को वशीभूत करना चाहते उतनी संख्या सुपारी लें| अब एक सफ़ेद रंग के कोरे कागज़ पर उन सभी लोगों का नाम लिखें जिन्हें आप अपने वश में करना चाहते हैं| अब एक काला कपड़ा लें और इसमें सभी सुपारियों और कागज़ को लपेट लें| इस पोटली को अपने सामने रखकर इस मन्त्र का जाप करें|
मंत्र – “ओम नमो नारानाय सर्व लोकान मम वशय कुरु कुरु स्वः” ||
इस मंत्र को पोटली के सामने 121 बार जपे और फिर किसी अमावस की रात्रि में इसे सिर से घुमाकर किसी शमशान में आग में घी से जला दें| इस टोटके के प्रयोग से सभी लोगों पर आपके वशीकरण का असर साफ़ दिखाई देने लगेगा| कई स्त्रियाँ अपने पति का प्यार पाना चाहती हैं लेकिन उनका पति किसी दूसरी महिला के पीछे दीवाना हो जाता है. अगर पति पर आपके प्यार का प्रभाव कम हो रहा है तो आपको नाम से वशीकरण कैसे करे ये जानना बेहद ज़रूरी है| इस उपाय को करने के लिए शुक्रवार के दिन इस मन्त्र का जाप करें|
मन्त्र इस प्रकार है “ओम हारीम कुरूम पिसचिनी ( यहाँ पर जिस व्यक्ति का वशीकरण करना हो उसका नाम लें) मं वशियम भवन्ति” ||
इस मन्त्र को लगातार 5 शुक्रवार जाप करें, मंत्र उच्चारण पूरा करने के बाद कोरा सफ़ेद कागज लेकर उस पर अपने पति का नाम लिखें और एक मोर कलगी लेकर उसे कागज में लपेट दें| इसके बाद ऊपर दिए मन्त्र का 11 बार जप करें फिर इसे रेशम के कपड़े में लेकर बांध दें| अब इसे घर में सात दिन तक किसी गुप्त स्थान पर रखें, सात दिन पूरे होने पर इसे निकालें और किसी एकांत जगह पर घी डालकर जला दें| इस सरल से प्रयोग से पति का वशीकरण हो जाता है और वह परायी स्त्री को भूलकर आपके प्रेम में पड़ जाता है| अब आप जान चुके हैं कि नाम से वशीकरण कैसे करे? नाम से वशीकरण करते हुए अपने अंदर कोई नकारात्मक विचार नही आने देना चाहिए| ईश्वर में अटूट विश्वास होने पर आपको तत्काल लाभ प्राप्त होता है|

Friday, 30 June 2017

Baglamukhi Famous vashikaran mantra

Baglamukhi Famous vashikaran mantra


The worship of Baglamukhi who is also famous as ‘Pitambara Vidya’ (yellow Colour is prominently used in her worship) for protection against the enemies and to defeat them, to get victory in the legal matters or court cases, to acquire wealth, to clear away the debts and to attain power of oratory etc.
In her worship yellow clothes, garland made of turmeric, yellow seat and yellow flowers are used. She is the presiding goddess who has a desire of annihilating the demons in her individual form and carries on the destruction of commodities according to the wishes of the almighty God.
She has her abode amidst the ocean of ambrosia where her canopy decorated with diamonds is situated and her throne is decorated with the jewels.
Her complexion is yellow, wears yellow apparels, ornaments and a garlands which is also of yellow colour. In her one hand is a tongue of an enemy and in the other hand she holds a mace.
There is a tale regarding her manifestation. In the ‘Satyuga’ period once the whole world was threatened by a terrific cyclone. Lord Vishnu being concerned about the safety of the whole humanity went near to Haridra (reservoir) situated in Saurashtra, to please Goddess Bhagawati by his penance.
Shri Vidya (Baglamukhi) appeared before him, manifesting from the water of Haridra wearing yellow apparels. She controlled the powerful current of the threatening flood and destructive nature.
Goddess Bagla helps the almighty god by punishing and controlling those negative powers that try to trespass the natural flow, She controls our speech knowledge and movement. She is capable of giving powers (Siddhis) and fulfilling all the wishes of her devotee like a ‘Kalpa-Taru’.
!!Om Hleem Baglamukhi Sarwdushtanam Wacham Mukham Padam
Stambhay Jihwa Kilay Buddhi Vinashay Hleem Om swaha!!
Bagalamukhi Maha Mantram meaning is as below:-
Oh Goddess, paralyze the speech and feet of all evil people. Pull their tongue, destroy their intellect.